शब्द February 13, 2022 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps शब्दों की ये ठेकेदारी हैआवाज़ पर पड़ी पहरेदारी हैज़ुबान से लटकी है ज़ंजीरेंप्रिय, अब न बोल के लब आज़ाद हैं(2018) Comments
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