पाश तू ग़लत है

 

चंडीगढ़ का गुड्डा संग्रहालय (फ़ोटो अपनी)

ऐ पाश, तूने ये क्यों कहा
कि सबसे ख़तरनाक होता है सपनों का मर जाना?
सपने जीते ही कितनी देर हैं?
कितनों के होते हैं सपने?
ये भी पता रखा क्या कि
कितनों के हो पाते हैं ये सपने?
और, ये कि कितने बेतरतीब होते हैं सपने?
तू ग़लत है।
सबसे ख़तरनाक है दिल ही दिल में मर जाना।
दिल वो नहीं जिसमें क़तरा-ए-खूँ न मिला
ये दिल मेरे अंतर जानूँ न कहाँ रहता है
लेकिन मन में जहाँ ये घर कर जाता है,
उस तिकोने को जहाँ बना सहर कर जाता है।
सुन ले ऐ पाश! नहीं होता है सबसे बुरा
सपनों का मर जाना, ये तो क्षणभंगुर हैं।
क़हर है दिल का दिल में टूट जाना।

14.9.2021

पाश: मशहूर कवि, बंधन

क़हर: आफ़त, अरबी भाषा में भगवान् के 99 में से एक नाम

Comments